किशनपुर (सुपौल)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सुपौल जिले के किशनपुर प्रखंड स्थित उच्च विद्यालय किशनपुर के प्रांगण में एक दिवसीय नारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक भागीदारी के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर मणि भूषण कुमार तथा उनकी पत्नी उपस्थित रहीं। साथ ही राजद के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी श्री बैद्यनाथ मेहता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजद महिला प्रकोष्ठ सुपौल की अध्यक्ष कुमारी यादव ने की।
कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व को समझाने और महिलाओं को समाज में सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया था। इस अवसर पर वक्ताओं ने महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉक्टर मणि भूषण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के बिना समाज की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने महिलाओं से शिक्षा और आत्मनिर्भरता को अपनाने की अपील की।
उन्होंने आगे कहा कि समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पुरुषों को भी अपनी सोच बदलनी होगी। जब तक समाज में महिलाओं को बराबरी का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक सच्चे अर्थों में विकास संभव नहीं है।
कार्यक्रम में उपस्थित राजद के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बैद्यनाथ मेहता ने भी महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही कुमारी यादव ने कहा कि आज भी समाज में कई जगहों पर महिलाएं विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रही हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर संगठित होकर आगे बढ़ें तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है। आज देश की महिलाएं राजनीति, शिक्षा, विज्ञान, खेल और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने यह भी कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार प्रयास करना चाहिए। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने विचार भी साझा किए और समाज में महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक जागरूकता से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसके अलावा महिलाओं को सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई ताकि वे इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में रानी देवी, राजद इंदु भारती, पिपरा पंचायत की काजल कुमारी, प्रखंड अध्यक्ष किशनपुर, नन्हा खातून, निर्मली, सुनीता देवी, सायरा खातून, पूनम पंडित और बबिता कुमारी सहित कई अन्य महिलाएं शामिल रहीं।
कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं की उपस्थिति देखने को मिली। सभी महिलाओं ने कार्यक्रम को सराहा और कहा कि इस प्रकार के आयोजन से महिलाओं में जागरूकता बढ़ती है और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।
अंत में आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि महिलाओं को समाज में सम्मान और समान अवसर मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ और इसमें शामिल महिलाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।



