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रात में शराब के नशे में हंगामा करने पर परिजनों ने पुलिस को सौंपा था युवक, सुबह थाना हाजत में मिला शव; परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मुख्य संवाददाता : विकास कुमार
मो. 8930842845
स्थान : सुपौल
सुपौल जिले के जदिया थाना में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतक की पहचान जदिया थाना क्षेत्र के रजगांव वार्ड संख्या-2 निवासी 24 वर्षीय बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने थाना का घेराव करते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात बिट्टू कुमार शराब के नशे में अपने घर पर हंगामा कर रहा था। स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने डायल 112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर जदिया थाना ले गई। इसके बाद उसे थाना हाजत में बंद कर दिया गया।
बुधवार सुबह जब थाना कर्मियों ने हाजत की जांच की तो युवक संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाया गया। पुलिस का दावा है कि युवक ने कंबल की पट्टी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली, जबकि परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जदिया थाना पहुंच गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित लोगों ने थाना के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया और जदिया थाना के सामने से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-91 को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिजनों का आरोप है कि यदि युवक को पुलिस ने सुरक्षित हिरासत में रखा था तो उसकी मौत कैसे हो गई। उनका कहना है कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने भी घटना को गंभीर बताते हुए न्याय की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपौल पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. स्वयं जदिया थाना पहुंचे और आक्रोशित लोगों से बातचीत की। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की पहल पर लोगों को समझाया गया तथा धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। साथ ही न्यायिक जांच की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद जदिया थाना क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों के बीच पुलिस हिरासत में हुई इस मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति पुलिस हिरासत में होता है तो उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होती है। ऐसे में युवक की मौत ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। वहीं मृतक के परिवार में घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
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